सोमवार को दिल्ली सरकार ने दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र बुलाए है। विशेष सत्र बुलाने पर सवाल उठाते हुए दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को पत्र लिखा है। माकन ने पत्र में लिखा है विधानसभा के विशेष सत्र जनहित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बुलाये जाते हैं, ना कि किसी व्यक्तिगत मुद्दों पर।
मकान के मुताबिक दिल्ली सरकार को दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण, गैरकानूनी सीलिंग, प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था आदि जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेष सत्र बुलाने की फुर्सत नहीं है। जबकि ये सभी मुद्दा प्रदेश की जनता को प्रभावित करते हैं।
मकान ने चट्टी में लिखा है किसी व्यक्तिगत मुद्दा पर विशेष सत्र बुलाना दिल्ली विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाती है। साथ ही जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा भी बर्बाद होता है।
उन्होंने दावा किया है कि दिल्ली में 15 साल के कांग्रेस के शासन काल में केवल 3 बार ही विधानसभा सभा के विशेष सत्र बुलाए गए थे। वो भी जनहित मद्दे जैसे व्यवसायिक वाहन को सीएनजी, रिहायशी इलाकों में सीलिंग होने, दिल्ली सरकार के अधिकारों में कटौती का विरोध करने के लिए। जबकि ‘आप’ सरकार साढ़े तीन साल में ही 15 बार विशेष सत्र बुला चुकी हैं। वो भी व्यक्तिगत मुद्दों पर।
आप को बता दूं कि बीते मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आंखों में सचिवालय में ही एक शख्स ने मिर्ची पाउडर फेंकने की कोशिश की। अरविंद केजरीवाल के सुरक्षा में बड़ी चूक हुई। इसी पर चर्चा करने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है। ‘आप’ के मुताबिक दिल्ली में भाजपा ने चुनाव आयोग से मिलकर 30 लाख मतदाताओं के नाम गलत तरीके से वोटर लिस्ट से नाम कटवाएं है उस पर भी चर्चा होगी।


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